नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले के प्राचीर से ‘दिमागी नक्सल’ (मेंटल/अर्बन नक्सल) सोच के खिलाफ देश को सावधान करने के बाद से ही सियासत गरमाई हुई है। एक तरफ विरोधी इकोसिस्टम और इंडी गठबंधन के नेता इस बयान के बाद आक्रामक नजर आ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन की अपनी नई टीम का ऐलान कर 2029 और आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए बिसात बिछा दी है।
‘दिमागी नक्सल’ बयान पर क्यों मचा गदर?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में स्पष्ट किया था कि देश से हथियारों वाला नक्सलवाद तो खत्म होने की कगार पर है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ सोच वाले लोग देश में अराजकता और विकास में बाधा डालने के मौके तलाशते रहते हैं। हालांकि, बिना किसी का नाम लिए दिए गए इस बयान पर विपक्षी नेताओं ने खुद को इस दायरे में जोड़ना शुरू कर दिया।
- अरविंद केजरीवाल: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि जो अच्छे स्कूल, अस्पताल, मुफ़्त बिजली-पानी और भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात करता है, वह पीएम के हिसाब से दिमागी नक्सल है। उन्होंने कहा, “अगर आज भगत सिंह और बाबा साहेब आंबेडकर जिंदा होते, तो पीएम उन्हें भी दिमागी नक्सली कहते। मैं खुद को दिमागी नक्सल मानता हूं।”
- पी. चिदंबरम: पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है।
- महबूबा मुफ्ती: PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं और इस नाते खुद को दिमागी नक्सल मानती हैं।
- कॉकरोच जनता पार्टी: युवाओं के मुद्दों पर राजनीति कर रहे सौरव दास ने भी सरकार पर सवाल उठाने वालों को नक्सली का टैग देने का आरोप लगाया।
बीजेपी का पलटवार: ‘हाफिज में साहब देखने वाले ही असली दिमागी नक्सल’
विपक्ष के इस रवैये पर बीजेपी ने जोरदार हमला बोला।
- हिमंता बिश्व सरमा का हमला: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्व सरमा ने चिदंबरम पर निशाना साधते हुए कहा, “चिदंबरम दिमागी नहीं, बल्कि पक्के नक्सल हैं। जब वह गृह मंत्री थे, तब उन्होंने जानबूझकर नक्सलियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए। इस बात की जांच होनी चाहिए।”
- सुधांशु त्रिवेदी का करारा जवाब: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने ‘दिमागी नक्सल’ की परिभाषा देते हुए कहा, “दिमागी नक्सल वह है जिसे हाफिज सईद में ‘साहब’, याकूब मेमन की फांसी में ‘न्यायिक हत्या’, ओसामा में ‘जी’ और जाकिर नाइक में शांति का मसीहा नजर आता है। विपक्षी नेताओं ने खुद को यह स्वीकार करके साबित कर दिया है कि कांग्रेस अब माओवादी और दिमागी नक्सल कांग्रेस बन चुकी है।”
पर्दे के पीछे अमित शाह का बड़ा क्रैकडाउन: ISI समर्थित नेटवर्क ध्वस्त
राजनीतिक बयानबाजी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है।
- 14 राज्यों में एक साथ ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने देश भर के 14 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 200 से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया।
- विस्फोटक व हथियार बरामद: इस कार्रवाई में भारी मात्रा में IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के मार्किंग वाले ग्रेनेड, कारतूस और जासूसी उपकरण जब्त किए गए।
- गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत की आतंकवाद और अराजकता के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी।
BJP संगठन की नई टीम: स्मृति ईरानी और राम माधव का धमाकेदार कमबैक
नैरेटिव और सोशल मीडिया की लड़ाई को नए स्तर पर ले जाने के लिए बीजेपी ने अपने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है:
1. सोशल मीडिया टीम में कमान बदलाव
बीजेपी ने अपनी सोशल मीडिया और आईटी विंग की कमान में बदलाव करते हुए दीपक म्हस्के को नया इंचार्ज बनाया है। 58 वर्षीय दीपक म्हस्के छत्तीसगढ़ से आते हैं और उनके पास संगठन व चुनाव अभियानों (बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़) में 15 वर्षों का अनुभव है। वह अमित मालवीय की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे। अमित मालवीय ने नई टीम को बधाई देते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की शुभकामनाएं दीं।
2. दिग्गज चेहरों की वापसी
- स्मृति ईरानी: राष्ट्रीय महासचिव के रूप में स्मृति ईरानी का संगठन में बड़ा कमबैक हुआ है। उत्तर प्रदेश चुनावों के मद्देनजर उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
- राम माधव: संघ पृष्ठभूमि से आने वाले रणनीतिज्ञ राम माधव की राष्ट्रीय संगठन में वापसी हुई है। जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी के विस्तार में उनका पूर्व अनुभव काफी मायने रखेगा।
3. युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता
नई टीम में महिला नेतृत्व और युवा चेहरों को प्रमुखता दी गई है, ताकि 2029 के बड़े सियासी लक्ष्य और आने वाले राज्यों के चुनावों को मजबूती से साधा जा सके।
क्या अब मोदी कैबिनेट में भी होगा फेरबदल?
संगठन की इस नई सूची के बाद अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
- बीजेपी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के चलते यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या पीयूष गोयल कैबिनेट से बाहर होकर पूरी तरह संगठन का काम देखेंगे या इसमें कोई छूट दी जाएगी।
इस फेरबदल ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि पीएम मोदी और बीजेपी नेतृत्व विपक्ष के हर नैरेटिव का जवाब देने के लिए रणनीतिक और संगठनात्मक रूप से पूरी तरह तैयार हैं।


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