लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य शासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। खुफिया एजेंसियों के इनपुट और संभावित खतरों के समीक्षात्मक आकलन के आधार पर प्रदेश के 52 अति विशिष्ट (VIP) नेताओं की सुरक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए उन्हें अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट मुहैया कराई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में यह समीक्षा और बदलाव विशेष रूप से उन वीवीआईपी हस्तियों के लिए किया गया है जो राज्य में ‘Y’ श्रेणी से लेकर सर्वोच्च ‘Z+’ (ज़ेड प्लस) श्रेणी तक का सुरक्षा घेरा प्राप्त कर रहे हैं। राज्य में लगातार बदल रहे राजनीतिक परिदृश्य और सार्वजनिक दौरों में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के सुरक्षा मुख्यालय ने यह अहम फैसला लिया है।
सीएम योगी, पूर्व सीएम अखिलेश और मायावती सुरक्षा सूची में प्रमुख
राज्य सरकार द्वारा जारी सुरक्षा समीक्षा के अनुसार, बुलेटप्रूफ जैकेट प्राप्त करने वालों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई शीर्ष कद्दावर नेता शामिल हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती को भी इस विशेष सुरक्षा कवच से लैस किया गया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के 11 प्रमुख मंत्रियों को भी यह अतिरिक्त सुरक्षा तंत्र प्रदान किया गया है। इन मंत्रियों में स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर जैसे प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं। वहीं, भाजपा नेत्री अपर्णा यादव समेत कई अन्य जन-प्रतिनिधियों को भी इस सुरक्षा घेरे में रखा गया है।
दो चरणों में बांटी गई जैकेट, करीब 10 लाख रुपये प्रति जैकेट की लागत
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा मुख्यालय ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीयता और सुनियोजित तरीके से दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया है:
- पहला चरण: शुरुआती चरण में अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी वाले 8 अति-महत्वपूर्ण नेताओं को तत्काल बुलेटप्रूफ जैकेट प्रदान की गई।
- दूसरा चरण: इसके बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया में सुरक्षा समीक्षा पूरी होने पर अन्य 44 महत्वपूर्ण नेताओं को यह जैकेट सौंपी गई।
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा मुख्यालय द्वारा अधिग्रहित की गई एक जैकेट की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। ये जैकेट अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित हैं जो किसी भी तरह के छोटे हथियारों और स्नाइपर हमलों से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं।
यूपी में कुल 98 हस्तियों को मिला है अलग-अलग श्रेणी का सुरक्षा घेरा
उत्तर प्रदेश में इस समय कुल 98 राजनेताओं, संवैधानिक पदाधिकारियों और महत्वपूर्ण व्यक्तियों को केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों की सुरक्षा (Y, Y+, X, Z और Z+) प्रदान की जा रही है।
गृह विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में रैलियों, जनसभाओं और दौरों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी। ऐसे में सुरक्षा चूक की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए अग्रिम कदम के रूप में यह बख्तरबंद सुरक्षा जैकेट दी गई है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक व सुरक्षा बदलाव
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की खुफिया एजेंसियों (IB और LIU) की रिपोर्ट्स के आधार पर यह कदम उठाया गया है। सार्वजनिक कार्यक्रमों और रैलियों में सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है, इसी को देखते हुए वीवीआईपी सुरक्षा मानकों को नए सिरे से अपडेट किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि यह जैकेट नेताओं की सुरक्षा में तैनात पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) तथा कमांडोज के लिए भी विशेष दिशा-निर्देशों के साथ दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत बचाव सुनिश्चित किया जा सके। सरकार के इस कदम को सुरक्षा के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा और प्रभावी ढांचागत बदलाव माना जा रहा है।


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