लखनऊ। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों और जरूरतमंदों के मुफ्त इलाज में गड़बड़ी, फर्जीवाड़े और लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों पर योगी सरकार ने शिकंजा कस दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद ‘राज्य स्वास्थ्य एजेंसी’ (SACHIS) ने दंडात्मक कदम उठाते हुए वर्ष 2020 से 2026 के बीच प्रदेश भर के 866 अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत 648 अस्पतालों को योजना से स्थायी रूप से बाहर (डी-इम्पैनल) कर दिया गया है, जबकि 61 अस्पतालों को निलंबित (Suspend) किया गया है। इसके अलावा 17 अस्पतालों की विशेष सुविधाओं को हटाया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वाले 140 अस्पतालों पर 8.53 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
डेटा एनालिटिक्स से पकड़ी गई धांधली: ओपीडी को दिखाया आईपीडी
साचीज (SACHIS) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट (SAFU) एडवांस डेटा एनालिटिक्स के जरिए संदिग्ध अस्पतालों पर लगातार निगरानी रख रही है। जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां उजागर हुई हैं:
एक ही मरीज की बार-बार एंट्री: कागजों पर फर्जी क्लेम तैयार करने के लिए।
फर्जी मेडिकल रिपोर्ट: अलग-अलग दावों में एक ही रिपोर्ट बार-बार लगाकर पैसा ऐंठना।
OPD को IPD दिखाना: सामान्य मरीजों को भर्ती दिखाकर आयुष्मान फंड से अवैध वसूली।
मानकों की अनदेखी: केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 35 प्रमुख क्वालिटी इंडिकेटर्स को पूरा न करना।
वर्ष 2026 में सबसे बड़ा क्रैकडाउन
केवल वर्ष 2026 में ही 318 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है। इनमें से 242 अस्पतालों को मानकों पर खरा न उतरने के कारण डी-इम्पैनल किया गया और 61 को निलंबित किया गया। (इससे पूर्व वर्ष 2025 में 16, 2024 में 27, 2023 में 203, 2022 में 41, 2021 में 44 और 2020 में 77 अस्पतालों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए गए थे
जुर्माने और वसूली का पूरा हिसाब (दो वित्तीय वर्ष)
वित्तीय वर्ष 2025-26: कुल 60 अस्पतालों पर 3,45,66,861 रुपये की पेनल्टी लगाई गई, जिसमें से अब तक 3,19,27,958 रुपये की वसूली की जा चुकी है और 26,38,903 रुपये की रिकवरी शेष है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 (अब तक): कुल 80 अस्पतालों पर 5,07,59,491 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 1,17,72,883 रुपये वसूले जा चुके हैं और 3,89,86,608 रुपये की वसूली की प्रक्रिया जारी है।
कुल योग: दो वित्तीय वर्षों को मिलाकर कुल 140 अस्पतालों पर 8,53,26,352 रुपये की पेनल्टी लगाई गई, जिसमें से अब तक 4,37,00,841 रुपये की कुल रिकवरी हो चुकी है और शेष 4,16,25,511 रुपये वसूलना बाकी है।
साचीज सीईओ का कड़ा संदेश:
‘मुख्यमंत्री जी की स्पष्ट मंशा है कि आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को बिना किसी अड़चन के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले। गरीबों के हक पर डाका डालने और मानकों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा’- अर्चना वर्मा, सीईओ (SACHIS)


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