साहिबाबाद में खेतान पब्लिक स्कूल की छात्रा की मौत के बाद निजी डायरी सामने आई; परिवार ने शिक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया, पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साहिबाबाद थाना क्षेत्र की एक सोसायटी में सातवीं कक्षा की छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। शनिवार शाम छात्रा की 10वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। छात्रा राजेंद्रनगर स्थित एक नामी स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ती थी। घटना के बाद परिवार ने स्कूल की एक शिक्षिका पर छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
परिजनों के मुताबिक, छात्रा ने अपनी निजी डायरी में स्कूल की शिक्षिका के व्यवहार और कथित प्रताड़ना को लेकर कई बातें लिखी थीं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार किया।
खेलने की बात कहकर घर से निकली थी छात्रा
परिवार के एक करीबी रिश्तेदार के मुताबिक, छात्रा दो बेटियों में छोटी थी। उसकी बड़ी बहन कक्षा 10 में पढ़ती है और दोनों बहनें एक ही स्कूल में पढ़ती थीं।
शनिवार देर शाम छात्रा घर से खेलने की बात कहकर निकली थी। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने परिवार को उसके ऊंचाई से गिरने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों की मदद से छात्रा को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस ने कहा- तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना के मुताबिक, फिलहाल छात्रा के परिजनों की ओर से मामले में तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने से पहले छात्रा की मौत के कारण को किसी एक वजह से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है।
सहपाठी ने परिजनों को बताई छात्रा की परेशानी
छात्रा की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी एक सहपाठी शनिवार रात उसके घर पहुंची। परिजनों के मुताबिक, सहपाठी ने हाल में हुए स्कूल के इंटरनल एग्जाम से जुड़ी जानकारी दी।
बताया गया कि शुक्रवार को छात्रों को उनकी परीक्षा की कॉपियां दिखाई गई थीं। छात्रा के 30 नंबर आए थे। सहपाठी के अनुसार, नंबर देखने के बाद छात्रा ने उससे शिक्षिका के व्यवहार और अपनी परेशानी को लेकर बात की थी।
सहपाठी ने छात्रा की निजी डायरी का भी जिक्र किया। इसके बाद परिवार ने छात्रा की डायरी देखी।
निजी डायरी में शिक्षिका पर आरोप लगाने का दावा
परिवार के मुताबिक, छात्रा को लिखने का शौक था और उसने एक स्कूल डायरी को अपनी निजी डायरी बना रखा था। वह इस डायरी को किसी दूसरे व्यक्ति को पढ़ने नहीं देती थी। परिवार के अनुसार, उसके पिता ने भी पहले डायरी पढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन छात्रा ने उन्हें मना कर दिया था।
घटना के बाद परिजनों ने डायरी पढ़ी। परिवार का दावा है कि डायरी में जुलाई से लेकर घटना से कुछ दिन पहले तक की कई बातें लिखी थीं। परिजनों के मुताबिक, कई पन्नों पर छात्रा ने स्कूल की एक शिक्षिका के कथित उत्पीड़न और अपने साथ हुए व्यवहार का जिक्र किया था। एक पेज पर गणित की शिक्षिका का नाम भी लिखा होने की बात कही गई है।
परिजनों का आरोप है कि पेरेंट्स मीटिंग से पहले छात्रा को कम परेशान किया जाता था, लेकिन स्कूल प्रबंधन से शिक्षिका को लेकर शिकायत किए जाने के बाद कथित तौर पर परेशानी बढ़ गई।
गणित में कम नंबर को लेकर भी परिवार का दावा
परिजनों के मुताबिक, छात्रा के दूसरे विषयों में आमतौर पर 80 से 90 अंक आते थे, जबकि गणित में उसके अंक कम रहते थे। परिवार का दावा है कि छात्रा अपनी डायरी में लिखती थी कि उसे गणित में जानबूझकर कम नंबर दिए जाते हैं और कम अंक आने के लिए उसे ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्कूल प्रबंधन या संबंधित शिक्षिका की ओर से भी इस मामले में कोई पक्ष सामने नहीं आया है।
घटना से पहले व्यवहार में बदलाव का दावा
परिवार के एक रिश्तेदार ने छात्रा के व्यवहार में हाल के दिनों में बदलाव की बात भी कही। उनके मुताबिक, शनिवार और रविवार को स्कूल की छुट्टी होने पर छात्रा आमतौर पर करीब 11 बजे उठती थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह छुट्टी के दिन भी सुबह 8 से 9 बजे के बीच उठने लगी थी।
रिश्तेदार के अनुसार, छात्रा को आमतौर पर ब्रेड और मक्खन पसंद नहीं था, लेकिन घटना से पहले शुक्रवार और शनिवार को उसने ब्रेड और मक्खन खाया था।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और परिजनों की ओर से दी जाने वाली तहरीर के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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